पूनम की जिंदगी का बिखरा हुआ सच उसके अतीत के उन दर्दनाक पलों में छिपा हुआ है, जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाती. एक समय था, जब वह इस शहर में नई-नई आई थी, अपने सपनों और आशाओं के साथ. लेकिन इस शहर ने उससे उसकी खुशियां, उसका प्यार, उसका आत्मविश्वास सबकुछ छीन लिया और इसमें हाथ भी था तो किसी बेहद अजीज का।
मैनेजर: बहुत-बहुत बधाई पूनम , आखिरकार तुम्हारी मेहनत रंग लाई।
मैनेजर: तुम्हारा प्रमोशन हो गया है। अब नया शहर नई उम्मीदें और जीने के लिए नए तरीकों को भी एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा तुम्हें।
पूनम : किस सिटी के लिए प्रमोट किया गया है?
मैनेजर: पिंकसिटी।
पूनम : मैं,
मैं कुछ समझी नहीं, हालांकि दिल ही दिल में उसे अंदेशा हो रहा था, कहीं ये वही शहर तो नहीं, जिससे बड़ी मुश्किल से पीछा छुड़ाया था। वह चीखती है नहीं ऐसा नहीं हो सकता।
मैनेजरः उसे झकझोरते हुए पूछती है क्या हुआ,
तुम ठीक तो हो न,
तुम खुश नहीं हो इस प्रमोशन से?
खुद को संभालते हुए पूनम कहती है नहीं, नहीं मुझे क्या हेागा मैं तो बिल्कुल ठीक हूं। पूनम अपनी मैनेजर से पूछती है क्या ये प्रमोशन लेना जरूरी है? क्या वह इसे स्किप नहीं कर सकती।
मैनेजर: हां,
बिल्कुल जरूरी है,
इसे स्किप कर दिया तो अगले पांच सालों तक कोई प्रमोशन नहीं होगा।
मैनेजर की बात सुनने के बाद पूनम बिल्कुल शांत हो जाती है, बिना किसी सवाल-जवाब के पार्टी इंजॉय करती है और देर शाम अपने घर के लिए निकल जाती है,
तभी रास्ते में उसकी मुलाकात एक ऐसे शख्स से होती है,
जिसकी शक्ल तक देखना उसे गवारा नहीं था।
पूनम उसे इग्नोर करते हुए आगे बढ़ जाती है। अगले दिन सुबह अपने अतीत को याद करके पूनम की आंख भर आती है, तभी उसकी बेटी सौम्या आती है और कहती है
सौम्या : मां आप तो कहती हैं आंसू बहुत कीमती होते हैं, इन्हें वेस्ट नहीं करना चाहिए फिर आप क्यूं रो रही हैं?
पूनम मुस्कुराकर कहती है सौम्या आपको स्कूल के लिए लेट हो जाएगी जल्दी रेडी हो।
सौम्या: मां,
पहले आप मेरे सवाल का जवाब दो उसके बाद ही।
पूनम : अच्छा माइ डेविल प्रिंसेज, सुनों मुझे न आज आपकी नानी की बहुत याद आ रही है।
सौम्या: हंसती है ओह तो कॉल कर लो न मम्मा
पूनम : बिल्कुल माइ डेविल प्रिंसेज
दरअसल पूनम सौम्या को डेविल प्रिंसेज इसलिए बुलाती है क्यूंकि उसके सवालों का कभी अंत ही नहीं होता। कई बार तो उसके सवाल हैरान कर देने वाले होते हैं। सबसे ज्यादा तो ये पूछना कि वो पूनम जैसी खूबसूरत क्यूं नहीं है। इसका जवाब खुद पूनम को भी नहीं पता। जब भी यह सवाल पूछा जाता है तो वह खुद भी उस काली रात को याद करने की कोशिश करती है जो अमावस की तरह थी उसकी जिंदगी में। हां ये अलग बात है कि उस रात के बाद जो सुबह थी उसने पूनम का दामन खुशियों से भर दिया। सौम्या को स्कूल डॉप करके पूनम अपने ऑफिस चली जाती है, जहां उसे आज बाकी पड़े कामों को जल्दी से जल्दी निपटाना था और दिल्ली के लिए तैयारी करनी थी। अगली सुबह पूनम और सौम्या पिंकसिटी के लिए निकल जाते हैं। एयरपोर्ट पर पूनम का फोन गायब हो जाता है,
वह उसे ढ़ूढ़ने जाती है तो पूनम कहती है
पूनम : मम्मा आपने फिर से खो दिया फोन,
आपकी भूलने की आदत कब सुधरेगी, ऐसे ही सब भूल जाती हो
तभी पूनम सोचती है हां ठीक ही तो कह रही है सौम्या सब भूल जाती हूं मैं काश अपना अतीत भी भूल पाती आज उसी की कीमत अदा कर रही हूं
सौम्या : पूनम का हाथ पकड़कर कहती है कहां खो गई मम्मा?फोन ढ़ूढ़ों,
पूनम : चलो,
चलो मेरे साथ चलो
सौम्या: मम्मा मैं यहीं वेट करूंगी आप जाओ।
पूनम : सौम्या को समझाती है कहीं मत जाना यहीं बैठना ओके और हां किसी की हेल्प या फिर ज्ञान बांटने मत जाना
सौम्या कहती है ओके मम्मा प्रॉमिस मैं कहीं नहीं जाउंगी
पूनम अपना फोन ढ़ूढ़ने चली जाती है तभी किसी को देखकर सौम्या उसके पीछे पीछे भागती है
सौम्या चिल्लाती है हेलो टॉल केयरलेस अंकल
वो आदमी जल्दबाजी में आगे चला जाता है। सौम्या उसके पीछे पीछे भागती है। उधर वो आदमी फोन पर किसी से बात करता है शायद उसकी फ्लाइट मिस होने वाली थी, इसी जल्दबाजी में वह भागते हुआ जाता है लेकिन तभी पता चलता है फ्लाइट दो घंटे डिले है वो सुकून की सांस लेकर जैसे ही बैठने वाला होता है तभी देखता है कोई उसके पीछे है नीचे देखता है तो उसे एक छोटी बच्ची नजर आती है जो उसे गुस्से से देख रही होती है उसे देखकर सौम्या कहती है
सौम्या: हेलो टॉल केयरलेस अंकल इतनी देर से चिल्ला रही हूं आप सुनते क्यूं नहीं हो
सौम्या की बात सुनकर वो आदमी कुछ पल के लिए न जाने कहां खो जाता है। अचानक ही उसे लगता है बात करने का यह अंदाज तो कुछ जाना-पहचाना है। तभी उसे याद आती है किसी की यही अदा थी, ऐसे ही गुस्से में घूरने की, ऐसे ही सवाल जवाब करने की और ऐसे ही अपना हक जताने की। पहली मुलाकात में उसके साथ भी ऐसे ही तो बात हुई थी। पहले उसने गुस्से में घूरा फिर ऐसे ही हक से नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा था सुनो मिस्टर टॉल हैंडसम कितने केयरलेस हो तुम
वह सोच ही रहा था तभी सौम्या जोर से चीखी
सौम्या: आप सुनते नहीं हो क्या टॉल केयरलेस अंकल?
वो आदमी कहता है मेरा नाम है अमिय और तुम्हारा क्या नाम है ?
सौम्या: मुंह बनाते हुए कहती है मेरा नाम है सौम्या लेकिन तुम्हें मेरे नाम से क्या जल्दी से अपनी हैंकी लो और मैं जाउं?
अमिय: मुस्कुराकर कहता है मेरी हैंकी
सौम्या: गुस्से में कहती है हां ले लो अपनी हैंकी और आगे से लापरवाही मत करना। तुम्हारी वजह से भागकर यहां आना पड़ा। अब मेरी मम्मा कितनी परेशान होंगी, वो मेरा वेट कर रही होंगी।
अमिय: अरे अरे सौम्या मैडम थोड़ी सांस तो ले लो एक सांस में इतनी बातें कहकर खिलखिलाकर हंस उठा।
सौम्या: गुस्से में कहती है हंस क्यूं रहे हैं आप?
अमिय: कुछ नहीं किसी की याद आ गई वो भी तुम्हारे जैसे ही सवाल करती थी,
गुस्सा करती थी।
सौम्या: क्या ? कौन थी और कैसी थीं वो?
अमिय:
आपके तो सवाल खत्म ही नहीं होते
सौम्या: ओह हां मैं चली मम्मा वेट कर रही होंगी
इतना कहकर सौम्या इधर-उधर देखती है और फिर अमिय से कहती है
सौम्या: टॉल केयरलेस अंकल मुझे रास्ता याद ही नहीं आ रहा, कैसे जाउं मैं मम्मा के पास
उधर अमिय अपनी ही धुन में खोया था उसे बार बार यही लग रहा था जैसे वो कहीं आसपास ही हो फिर खुद को खुद ही समझा भी रहा था वो कैसे यहां होगी। सौम्या के चिल्लाने पर वह अपनी यादों से बाहर आता है और कहता है
अमिय: चलिए सौम्या मैडम आपको आपकी मम्मा के पास ले चलूं
तभी सौम्या उसी जगह पर पहुंच जाती है, लेकिन देखती है उसकी मम्मा वहां नहीं है तो चैन की सांस लेती है और अमिय से कहती है
सौम्या: थैंक गॉड मम्मा अब तक नहीं आई।
अमिय: हंसते हुए कहता है थैंक गॉड क्यूं मैं क्यूं नहीं?
सौम्या: अरे तुम्हें क्यूं टॉल केयरलेस अंकल तुम्हारी वजह से ही तो मेरा टाइम वेस्ट हुआ।
अमिय: खिलखिला उठा बोला अच्छा मैडम सौम्या जाने दो
तभी अनॉउंसमेंट होती है सौम्या नाम की बच्ची हो तो रिसेप्शन पर आ जाएं उनकी मम्मा वेट कर रही हैं। अनॉउंसमेंट सुनकर अमिय सौम्या को लेकर रिसेप्शन पर जाता है और सामने देखते ही उसके होश उड़ जाते हैं। पूनम सौम्या को देखते ही भागकर उसे गले लगाती है और जोर से जोर से रोने लगती है और कहती है
पूनम : माई डेविल प्रिंसेज कहां चली गई थी,
मेरी तो जान ही निकल गई थी।
सौम्या: ओहो मम्मा रोना नहीं आंसु बहुत कीमती होते हैं इन्हें वेस्ट नहीं करना चाहिए
आंखों में आंसु लिए हुए पूनम मुस्कुरा उठती है तभी उसकी नजर अचानक सौम्या के पास खड़े अमिय पर पड़ती है,
एक पल के लिए वह सहम जाती है। कुछ ही पल में बीते पांच बरस पीछे पहुंच जाती है,
वह रात याद आती है और न जाने क्या क्या फिर खुद को संभालते हुए कहती है
पूनम : हेलो अमिय कैसे हैं आप
अमिय: मैं अच्छा और आप
पूनम : मैं भी, हां ये मेरी बेटी है सौम्या
अमिय: पूनम को देखकर कहता है क्या ये वो उसी रात
तभी पूनम उसे बीच में ही चुप करा देती है
पूनम : ये बात दोबारा मत दोहराइएगा। खैर चलती हूं आपसे हुई मुलाकात अच्छी थी।
नरेटर: तभी सौम्या अपनी मां की ओर देखती है और कहती है
सौम्या:
मम्मा आप इन टॉल केयरलेस अंकल को जानती हो?
पूनम :
हां बिल्कुल ये आपकी मम्मा के कॉलेज फ्रेंड हैं, हेलो बोलो अंकल को।
सौम्या:
ओह तो ये टॉल केयरलेस अंकल आपके कॉलेज फ्रेंड हैं
पूनम : सौम्या बेटा, बड़ों से ऐसे बातें नहीं करते न मम्मा ने आपको क्या सिखाया है
सौम्या: अरे मम्मा ये अंकल बहुत केयरलेस हैं आपको नहीं पता
सौम्या अमिय के साथ हुई मुलाकात को लेकर अपनी मां के साथ बात करनी शुरू करती है कि अमिय और पूनम दोनों एक साथ ठहाका लगाकर हंसने लगते हैं। इसी दौरान पूनम किसी को सामने देखकर एकदम चुप हो जाती है और अमिय से कहती है
पूनम : जाइए कहीं आपकी गर्लफ्रेंड नाराज न हो जाए
नरेटर: वो लड़की भी पूनम को देखकर शॉक्ड हो जाती है। तभी पूनम अपनी बेटी का हाथ पकड़कर आगे बढ़ जाती है और जाते जाते उस लड़की से कहती है
पूनम : मेरा सबकुछ छीनकर, आज मुझे खुश देखकर हैरान होगी न तुम।
वो लड़की थी राखी, उसका पूनम से बेहद गहरा रिश्ता था। वह कुछ कह पाती कि इससे पहले ही पूनम चली जाती है। उधर अमिय राखी से कहता है
अमिय:
मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ,
हम दोबारा कभी मिल भी पाएंगे। सबकुछ एकदम ख्वाब जैसा है कृति
राखी: अमिय की बेताबी देखकर पूछती है क्या तुम आज भी उससे प्यार करते हो?
अमिय:
तुमने देखा उसके साथ एक बच्ची थी।
राखी :
मेरा सवाल मत टालो
अमिय: बात सवाल टालने की नहीं है बात है उस बच्ची की
राखी: हैरान होकर पूछती है क्या ये उस रात
अमिय: पता नहीं, पूनम ने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन मुझे भी यही लगता है। इसलिए ही शायद उसने हम सबकी तरफ पीछे मुड़कर नहीं देखा।
राखी: उसकी गुनहगार मैं ही हूं अमिय, तुम तो बस ये बताओ तुम आज भी उससे प्यार करते हो?
अमिय: राखी तुम हो मेरा आज
राखी फिर से सवाल दोहराती है
अमिय : नहीं
राखी अमिय के साथ खड़ी ही होती है तभी एयरपोर्ट पर राखी का ऑटोग्रॉफ लेने वालो की लंबी भीड़ लग जाती है। अमिय जैसे तैसे उसे सबसे बचाकर कार तक लेकर आता है और फिर दोनों घर निकल जाते हैं। रास्ते में राखी मन ही मन में पांच बरस पहले की बातों को दोहराती है,
जहां वह और पूनम एक दूसरे पर जान छिड़कते थे फिर पूनम की खूबसूरती देखकर कैसे राखी को धीरे धीरे जलन होने लगी फिर ये जलन कब दुश्मनी में बदल गई पता ही नहीं चला। जाने-अनजाने राखी के चलते पूनम की जिंदगी में वो तूफान आ गया जिसका उसे अंदाजा ही नहीं था और पूनम की न केवल जिंदगी तबाह हुई बल्कि उसके जीने की सारी वजह भी छिन गई और उस पर भी सबसे भारी थी वो काली रात। यही सब सोचते सोचते राखी का चेहरा पीला पड़ जाता है
और अमिय उसे संभालने की कोशिश करता है। तभी उनका घर आ जाता है और जैसे ही वे मेनडोर पर पहुंचते हैं तो देखते हैं कि वहां एक लिफाफा पड़ा है। उसे खोला तो कुछ ऐसा देखा कि राखी के तो चेहरे का रंग ही उड़ गया
इन सबसे बचने के लिए वह सोने के लिए चली जाती है,
लेकिन उसकी आँखों में नींद का कोई नामोनिशान नहीं था। अमिय ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसके मन में जो उथल-पुथल मची थीए वह शांत नहीं हो रही थी। अचानकए उसे खिड़की के बाहर से कुछ आहट सुनाई देती है। वह उठकर खिड़की की ओर बढ़ती है और जो उसने देखा उससे उसकी चीख निकल जाती है। खिड़की के बाहर चांदनी रात में पूनम खड़ी थी उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी।
पूनम : राखी क्या तुम मुझसे मिलने के लिए तैयार हो? पूनम की आवाज़ ठंडी और भावहीन थी जैसे वह कोई और ही हो।
राखी के होठ कांपने लगते हैं, उसकी आँखों में डर के साथ-साथ एक निश्चय भी था। वह जानती थी कि अब उसे अपने अतीत का सामना करना होगा। एक ऐसा सामना जो उसके जीवन को हमेशा के लिए बदल सकता है।
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