Wednesday, April 11, 2018

डायरी के पन्नों से ------------


आज जानें क्या बात हुई

फिर से आज मेरी आंखें नम सी हुई।।

एक और बार मुझे बीता लम्हा याद आया। 

काश ! के वक्त कुछ और देर रूक जाता।।

तो बदल देती अतीत के सारे हिस्से।

फिर न होती ये रात और ये आंखें नम।।

फिर न होती मेरे दिल में कोई कसक।

फिर न होती ये बीती कहानी।

आज जानें क्या बात हुई................

वो लम्हा आया और बीत गया

वो शख्स अपना था देखते-देखते आज बेगाना हुआ।

खुद को जैसे-तैसे समझाया।।

मेरे हमनवां तुझे काश! मैं भूल पाती

अगर ये वक्त कुछ देर के लिए ठहरा होता।

आज जानें क्या बात हुई......

दिल को एक बार फिर तु बहुत याद आया...........


1 comment:

एहसास

  कहानियों में दर्ज एहसास कभी-कभी इतने गहरे होते हैं कि  उन्हें पढ़ने के बाद फिर कुछ कहना-सुनना शेष नहीं रह जाता।