Monday, April 16, 2018

डायरी के पन्नों से:


बड़ी हसीन थी वो शाम कि जब आप मिले,
बड़ी हसीन थी वो मुलाकात कि जब आप मिले।।
मैं खुद को रोज आइने में देखती हूं,
कि खुद में आपका मुझे अक्स मिले।।
वो नजर आज भी मुझे याद है कि जब आप मिले,
बड़े हसीन थे वो लम्हात कि जब आप मिले।।
तेरे दीदार का है शुक्र खुदा का मुझे,
जो हर दुआ का असर हुआ और मुझे आप मिले।।

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